शिव

                        शिव


शिव सत्य है शिव अनंत हैं।

शिव अनादि हैं शिव भगवन्त हैं। 


शिव संगीत-नृत्य अधिष्ठाता हैं,

वे विविध कलाओं के आचार्य हैं।


शिव सृष्टि के कल्याणकारक, 

नवसृजन निमित्त सृष्टि के संहारक हैं।


मानव को महान बनाने विषपायी बन जाते हैं,

अंतः करण बचाने हेतु विष कंठ में धर लेते हैं।


वे हैं श्रद्धा विश्वास के मूर्तिमान स्वरूप,

आत्मकल्याण और लोककल्याण के संभव स्वरूप!


मनोज श्रीवास्तव

@मानव           

०१.०३.२०२२,शिवरात्रि

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