सोना कितना सोणा
अक्षय तृतीया पर, सोना कितना सोणा @मानव भारतीय सँस्कृति में, स्वर्ण का अलग ही वैशिष्ट्य है; भारतीय समाज में स्वर्ण सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि अर्थ,आस्थाऔर अस्मिता तीनों का मेल है। भारतीय सँस्कृति में स्वर्ण पूज्य है और है सभी सँस्कार का अङ्ग; यह है हर सँकट का साथी; हमारे देश में सोना सिर्फ धातु नहीं, भावना और भरोसा भी है। सोना हर घर का इमरजेंसी फण्ड है। इस चमकदार पीली धातु को धन,शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता रहा है; मंहगाई या मन्दी में भी सोने का भाव आमतौर पर टिकता है, इसलिए इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। हमारी भारतीय सँस्कृति में स्वर्ण पूज्य है; धार्मिक अनुष्ठानों का अभिन्न अंग है; हमारे यहाँ स्वर्ण सौभाग्य का कारण माना जाता है। लोकमानस में सोने के प्रति आध्यात्मिक पवित्रता का भाव है; देवालयों में इष्ट देवी-देवता स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित प्रतिष्ठित किए गए हैं; मूर्तियों को सजाने और विशेष पूजा-पाठ में स्वर्ण का प्रयोग अनिवार्य माना जाता है। मान्यताओं में सोना साक्षात लक...