पत्रकारिता की शक्ति
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर, पत्रकारिता की शक्ति @मानव समाचारों का सँप्रेषण मात्र पत्रकारिता नहीं, वरन् यह समाज की चेतना, लोकतँत्र की आत्मा और जनभावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति का जीवन्त माध्यम है। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य को सामने लाना, जनहित के मुद्दों को उठाना और सत्ता तथा समाज के बीच एक जिम्मेदार सेतु बनना है। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार लोकतंत्र का प्रहरी है जो घटना वर्णन से इतर समाज को जागरूक, शिक्षित और सँवेदनशील बनाने का दायित्व निभाता है। पत्रकारिता के दो शतक वर्ष केवल ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सत्य,साहस और जनसेवा की वह निरंतर यात्रा है जिसने समाज को दिशा देने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। भारत में पत्रकारिता स्वतँत्रता सँग्राम के समय केवल व्यवसाय नहीं थी, बल्कि राष्ट्रसेवा का एक पावन मिशन थी, जिसने जनजागरण कर आँग्ल शासन के विरुद्ध लेखनी को हथियार बनाया और जनता में स्वतँत्रता की अमोघ अलख जगाई। विश्वसनीयता पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूँजी है; अतः पत्रकारों का दाय...