श्रीअमरनाथ यात्रा
श्रीअमरनाथ यात्रा @मानव श्रीअमरनाथ धाम केवल एक तीर्थ नहीं, अपितु सनातन भारत की तपःपरंपरा, वैराग्य, आत्मशुद्धि और शिवतत्व की सजीव अनुभूति का दिव्य केंद्र है। यहाँ पहुंचने वाला श्रद्धालु केवल हिमालय की ऊँचाइयों की यात्रा नहीं करता, बल्कि अपने ही अंतःकरण की गहराइयों की ओर अग्रसर होता है। वही परम शिव कभी हिमलिङ्ग के रूप में दर्शन देते हैं, तो कभी हिमालय की निश्शब्दता में, कभी गुफा की दिव्य शाँति में, तो कभी श्रद्धालु के निर्मल हृदय में स्वयं प्रकाशित हो जाते हैं। अतः जो अनंत है, उसे किसी एक दृश्य रूप तक सीमित नहीं किया जा सकता। हिमलिङ्ग भगवान की करुणा का दिव्य प्रतीक है, परंतु शिव की सत्ता उससे कहीं अधिक व्यापक, असीम और सनातन है। शिव केवल हिमलिङ्ग में नहीं, वे हिमालय की प्रत्येक शिला में हैं, गुफा की प्रत्येक शीतल श्वास में हैं, यात्रियों के प्रत्येक कदम में हैं, प्रत्येक मंत्र में हैं, प्रत्येक अश्रु में हैं, भक्ति के प्रत्येक भाव में हैं और प्रत्येक हृदय में विराजमान हैं। पार्वती को अमरत...