समन्वय देवता


 समन्वय देवता


प्रस्तुति-मनोज श्रीवास्तव


शिव 

विरक्त हैं,गृहस्थ भी;

योगी हैं,संसारी भी;

तपस्वी हैं, दानी भी!


विरोधाभासी शक्तियाँ 

शिव सानिध्य में ही 

आपसी द्वेष

भूल जाती हैं,

जो देवाधिदेव को 

समरसता का प्रतीक

सिद्ध करती हैं। 


~मनोज श्रीवास्तव

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