दिव्यता धारण पर्व


 कार्तिक पूर्णिमा(देव दीपावाली) पर विशेष,

दिव्यता धारण पर्व


     @मानव

आतंक-पर्याय त्रिपुरासुर का 

देवाधिदेव द्वारा वध, 

भगवान विष्णु द्वारा

धर्म व वेद रक्षार्थ

मत्स्यावतार ग्रहण पर्व

देव दीपावली है।


देवों की दीपावली में, 

शामिल होकर 

हमारे भीतर छिपी

तामसिक वृत्तियों के

नाश का संदेश

दीप की ज्योति 

ज्ञानरूपी आलोक के 

प्रसरण से देती है।


प्रकाश की उपासिका 

भारतीय संस्कृति में 

आत्मज्योति के प्रतीक

दीपक का प्रज्ज्वलन

अंतस को 

ज्ञानरूपी ज्योति से 

आलोकित करने का 

आह्वान करता है। 

जगमग करते

असंख्य दीप की मलिका 

मनुष्य को 

आत्मा के अत:करण में 

दिव्यता धारण करने का 

संदेश देते हैं, 

यही दिव्यता 

देव दीपावली का 

परमानन्द है।


 ~मनोज श्रीवास्तव

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