परिश्रम का आनंद


 लोहड़ी पर्व पर विशेष

परिश्रम का आनंद


      @मानव

कृषि केंद्रित

स्वयं की उपलब्धियों का 

आनंद व्यक्त करने का 

पर्व है लोहड़ी। 


किसान की लहलहाती फसल 

उसके श्रम 

व समर्पण का प्रतीक है।


हमारा जीवन आचरण 

कृषि कार्य है, 

हमारा तन खेत

व हमारे यत्न जल हैं,

नम्रता की 

बाड़ की आड़ में 

परमात्मा नाम के 

वपित बीज से 

तैयार उत्तम फसल 

जब संतोष की हंसिया से 

काटी जाती है  

परिश्रम के फल का आनन्द

आध्यात्मिक श्रेष्ठता के

अर्जन का प्रतीक

कृषि बन जाती है।

          (गुरु नानक देव)


   ~मनोज श्रीवास्तव

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