आद्यशक्ति
आद्यशक्ति
@मानव
सँपूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति का
मूल कारण शक्ति ही हैं,
जिसे ब्रह्मा,विष्णु व शिव
तीनों ने मिलकर
माँ नवदुर्गा के रूप में
सृजित किया;
इसलिए माँ दुर्गा में
ब्रह्मा,विष्णु एवं शिव
तीनों की शक्तियाँ समाई हैं।
जगत की उत्पत्ति,
पालन एवं लय
तीनों व्यवस्थाएँ
जिस शक्ति के आधीन
सँपादित होती हैं,
वही हैं पराम्बा
माँ भगवती आदिशक्ति।
माँ ही आद्यशक्ति हैं।
सर्वगुणों का आधार।
राम-कृष्ण,गौतम,कणाद आदि
ऋषि-मुनियों,वीर-वीरांगनाओं की
जननी हैं।
नवरात्र कालखण्ड में
देवताओं ने दैत्यों से परास्त होकर
आद्या शक्ति की प्रार्थना की थी
और उनकी पुकार सुनकर
देवी माँ का आविर्भाव हुआ।
उनके प्राकट्य से
दैत्यों के संहार करने पर
देवी माँ की स्तुति
देवताओं ने की थी।
नवरात्र
राक्षस महिषासुर पर
देवी माँ दुर्गा की
विजय का प्रतीक है,
जो नकारात्मकता के विनाश
और जीवन में सकारात्मकता के
पुनरुद्धार का प्रतीक है।
✍️मनोज श्रीवास्तव

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