माँ भारती
माँ भारती
@मानव
माँ शक्ति स्वरूपा है;
इसीलिए मातृशक्ति को
पूजनीय माना गया है;
भगवती के स्वरूप में देवी माँ
जीवन की सफलता
और उद्धार का हेतु हैं।
माता का आह्वान
हर सुख-दुख में किया जाता है,
जिससे समस्त विघ्न
प्रभावहीन होते हैं।
माँ की उपस्थिति
कल्याण और सौभाग्य सूचक है;
मानव मात्र के लिए
माता आराध्य एवं स्तुत्य हैं।
शक्तिहीन व्यक्ति,
शक्तिहीन समाज
या शक्तिहीन राष्ट्र
अधिक समय जीवित नहीं रहते
इसलिए शक्तिरूप में विद्यमान
माता के श्रीचरणों का
आश्रय आपेक्षित है।
जो माता की महत्ता से दूर है,
वह अभागा इस धरा पर जड़वत है।
माता की प्रसन्नता
पुत्र के भाग्योदय में सक्षम है।
भारत माता के सपूत
शक्ति के रूप में
उनकी आराधना
उत्पत्ति काल से करते हैं।
भारत माता स्थूल रूप में
एक दिव्य शक्ति हैं,
जो देवलोक से उतरकर
पृथ्वी की गोद में विराजमान हैं।
पृथ्वी माता भी
गौ माता,
तुलसी माता,
गायत्री माता
और वेदमाता की तरह
लोक कल्याण हेतु अवतरित हैं।
पृथ्वी माता की पुत्री हैं,
माँ भारती!
माँ भारती के अस्तित्व को
सभी पुरानी सभ्यताएँ
आज भी स्वीकार करती हैं।
भारत माता की शक्ति को
सभी महान देश पहचानते हैं;
विश्वभर के विद्वान इससे भिज्ञ हैं;
विज्ञानियों और दार्शनिकों को
इसके तथ्यों का ज्ञान है।
भारत में शक्ति का केंद्र
आदिकाल से है,
जिसकी धुरी पर भूमण्डल टिका है;
माँ के रूप में विराजमान
देवी की शक्ति निःसन्देह
हर बालिका में उपस्थित है।
माँ भारती का स्वरूप
भगवती के सान्निध्य में
प्रकाशवान है;
सभी देवियों ने मिलकर
भारती की उत्पत्ति की।
माँ भारती तीनों लोकों में
अपनी कीर्ति से मानवता को
विशाल आकार प्रदान करेंगी;
देवी भवानी स्वरूपा
माँ भारती की स्तुति परंपरागत है।
✍️मनोज श्रीवास्तव

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