धरती बचाने का सँकल्प

वराह जयन्ती (१३ सितम्बर) पर

धरती बचाने का सँकल्प


         @मानव

नमस्तस्मै वराहाय

लीलयोद्धरते महीम्। 

खुरमध्यगतो यस्य

मेरुः खणखणायते।।


धरती

केवल रहने की जगह नहीं,

बल्कि जीवन का आधार है;

जल,जंगल,जमीन,वायु 

और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को

बचाना हम सभी का दायित्व है।


श्रीविष्णु का वराह अवतार 

हमें प्रकृति का सम्मान करने,

संकट में साहस बनाए रखने

और धर्म के मार्ग पर बढ़ने की

अविरल प्रेरणा देता है।


वराह अवतार का सँदेश

पृथ्वी की रक्षा से तो जुड़ा ही है

यह हमें याद दिलाती है

कि पृथ्वी की रक्षा

किसी एक का दायित्व नहीं।


इसमें सबका प्रयास

बड़ा परिवर्तन ला सकता है;

पावन धरती के प्रति

यही हमारी श्रद्धा है।


 ✒️मनोज श्रीवास्तव

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